बजट 2025: किसानों के लिए नई उम्मीदें!

03/02/2025 06:07:29 a.m.

भारत सरकार ने हाल ही में केंद्रीय बजट 2025 पेश किया है, जिसमें कृषि क्षेत्र को विकास का प्रमुख इंजन बताया गया है 1। इस बजट में किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ₹1.37 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है 2। इस लेख में हम बजट 2025 में कृषि क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाओं और योजनाओं की जानकारी देंगे, जिससे किसान भाइयों को इस बजट का पूरा लाभ मिल सके।

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना

यह योजना उन 100 जिलों में लागू की जाएगी जहाँ उत्पादकता कम है, फसल तीव्रता मध्यम है और किसानों को ऋण लेने में दिक्कत आती है 1। इस योजना से लगभग 1.7 करोड़ किसानों को फायदा होगा 3। इस योजना का मकसद कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसलों में विविधता लाना, टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर फसल कटाई के बाद भंडारण की सुविधा बेहतर करना, सिंचाई सुविधाओं में सुधार करना और किसानों को कम समय और लंबे समय के लिए ऋण उपलब्ध कराना है 1

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan)

पीएम-किसान योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹63,500 करोड़ का आवंटन किया गया है 1। इस योजना के तहत, पात्र किसानों को प्रति वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए बजट में कटौती की गई है। इस योजना के लिए ₹14,600 करोड़ के बजट अनुमान की जगह ₹12,242.27 करोड़ का आवंटन किया गया है 1। इस योजना के तहत, किसानों को फसल खराब होने की स्थिति में बीमा कवर प्रदान किया जाता है।

दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए मिशन

यह छह साल का मिशन तूर, उड़द और मसूर दाल के उत्पादन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है 1। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹1,000 करोड़ का आवंटन किया गया है 3। इस योजना के तहत, किसानों को उन्नत बीज, कीट नियंत्रण और जलवायु परिवर्तन के लिए तैयार किस्में उपलब्ध कराई जाएंगी 1। इसके अलावा, केंद्रीय एजेंसियां जैसे नाफेड और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ अगले चार वर्षों तक इन दालों की खरीद करेंगे, जो किसान इन एजेंसियों के साथ पंजीकरण कराते हैं और समझौते करते हैं 3

सब्जियों और फलों के लिए व्यापक कार्यक्रम

इस कार्यक्रम का उद्देश्य सब्जियों और फलों के उत्पादन, आपूर्ति, प्रसंस्करण और किसानों को उचित मूल्य दिलाने में मदद करना है 3। इस मिशन के लिए 2025-26 के लिए ₹500 करोड़ का आवंटन किया गया है 3

कपास उत्पादकता के लिए मिशन

यह पाँच साल का मिशन है, जिसका उद्देश्य अतिरिक्त लंबे रेशे वाली कपास की किस्मों को बढ़ावा देते हुए कपास की खेती की उत्पादकता और स्थिरता में सुधार करना है 3। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इसे ₹500 करोड़ का आवंटन किया गया है 3

उच्च उपज वाले बीजों पर राष्ट्रीय मिशन

इस मिशन का लक्ष्य जुलाई 2024 से जारी 100 से अधिक उच्च उपज देने वाली, कीट प्रतिरोधी और जलवायु परिवर्तन के लिए तैयार बीज किस्मों को किसानों तक पहुँचाना है 3। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इसे ₹100 करोड़ का आवंटन किया गया है 3

बिहार में मखाना बोर्ड

बिहार में मखाना (फॉक्सनट) के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बिक्री में सुधार के लिए एक मखाना बोर्ड स्थापित किया जाएगा 3। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹100 करोड़ के आवंटन के साथ, बोर्ड मखाना किसानों को प्रशिक्षण और सहायता प्रदान करेगा, जिन्हें किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) में संगठित किया जाएगा 3

ग्रामीण समृद्धि और लचीलापन कार्यक्रम

यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर बढ़ाने और किसानों को शहरों की ओर पलायन करने से रोकने के लिए शुरू किया जा रहा है 1। इसके लिए कौशल विकास, निवेश और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा 3। यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं, युवा किसानों, सीमांत और छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों पर केंद्रित होगा 3

मत्स्य पालन

सरकार ने भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र और उच्च समुद्रों से मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना शुरू करने की घोषणा की है 3। इसमें अंडमान और निकोबार तथा लक्षद्वीप द्वीप समूह पर विशेष ध्यान दिया जाएगा 3

असम में यूरिया संयंत्र

असम के नामरूप में 12.7 लाख टन की वार्षिक क्षमता वाला एक यूरिया संयंत्र स्थापित किया जाएगा 3। इससे यूरिया की आपूर्ति बढ़ेगी और किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध हो सकेगी।

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)

संशोधित ब्याज सबवेंशन योजना (MISS) के तहत किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की ऋण सीमा को ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया गया है 1। इस योजना के तहत, किसानों को 9 प्रतिशत की बेंचमार्क दर पर ₹5 लाख तक का ऋण मिल सकता है 1। इस योजना का लाभ छोटे और सीमांत किसानों को फसल कटाई के बाद भी 6 महीने तक ऋण लेने के लिए मिलेगा 1। इससे किसानों को अपनी फसल को सस्ते दामों पर बेचने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

उदाहरण: मान लीजिए एक किसान को अपनी गेहूँ की फसल की कटाई के बाद भंडारण के लिए गोदाम बनाने के लिए पैसों की ज़रूरत है। बढ़ी हुई KCC ऋण सीमा से वह आसानी से ऋण ले सकता है और अपनी फसल को उचित समय पर बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकता है।

योजनाओं का सारांश
 

योजना का नाम

उद्देश्य

आवंटन

पात्रता मानदंड

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना

कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण, टिकाऊ खेती

-

कम उत्पादकता, मध्यम फसल तीव्रता, कम ऋण वाले 100 जिले

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

किसानों को आर्थिक सहायता

₹63,500 करोड़

पात्र किसान

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

फसल खराब होने पर बीमा कवर

₹12,242.27 करोड़

सभी किसान

दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए मिशन

तूर, उड़द, मसूर दाल का उत्पादन बढ़ाना

₹1,000 करोड़

सभी किसान

सब्जियों और फलों के लिए व्यापक कार्यक्रम

उत्पादन, आपूर्ति, प्रसंस्करण, उचित मूल्य

₹500 करोड़

सभी किसान

कपास उत्पादकता के लिए मिशन

कपास की खेती की उत्पादकता और स्थिरता में सुधार

₹500 करोड़

सभी किसान

उच्च उपज वाले बीजों पर राष्ट्रीय मिशन

उन्नत बीज किस्मों को किसानों तक पहुँचाना

₹100 करोड़

सभी किसान

बिहार में मखाना बोर्ड

मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, बिक्री में सुधार

₹100 करोड़

बिहार के मखाना किसान

ग्रामीण समृद्धि और लचीलापन कार्यक्रम

ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर बढ़ाना

-

ग्रामीण महिलाएं, युवा किसान, सीमांत और छोटे किसान, भूमिहीन परिवार

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)

किसानों को ऋण उपलब्ध कराना

-

सभी किसान

निष्कर्ष

केंद्रीय बजट 2025 में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इन योजनाओं, नीतियों और सुधारों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, कृषि उत्पादकता में सुधार करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। सरकार का ज़ोर दलहन और कपास के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने पर है 1। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और देश को आयात पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी। ग्रामीण समृद्धि और लचीलापन कार्यक्रम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों को शहरों की ओर पलायन करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी 1। बढ़ी हुई KCC ऋण सीमा से किसान अपने खेतों में निवेश कर सकेंगे, नई तकनीक अपना सकेंगे और अपनी उत्पादकता बढ़ा सकेंगे 1

किसान भाइयों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए और अपने क्षेत्र के कृषि विभाग से संपर्क करना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट भी देख सकते हैं।