असामान्य मौसम से रबी फसलों पर संकट

26/02/2025 10:20:34 a.m.

भारत में असामान्य तापमान और वर्षा की कमी ने रबी फसलों, विशेषकर गेहूं की पैदावार पर गंभीर प्रभाव डाला है। जनवरी 1 से फरवरी 20, 2025 तक, देश में सामान्य 33 मिमी की तुलना में केवल 9.8 मिमी वर्षा हुई, जो 70% की कमी दर्शाती है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश, और पंजाब जैसे प्रमुख गेहूं उत्पादक क्षेत्रों में यह कमी 59% से 97% तक रही है। इसके साथ ही, इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है, जिससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

बढ़ते तापमान के कारण रबी फसलों में कीटों का प्रकोप भी बढ़ रहा है, जिससे उत्पादन में 30% तक की गिरावट का खतरा है।

किसान इन चुनौतियों से निपटने के लिए निम्नलिखित सावधानियाँ अपना सकते हैं:

  • समय पर सिंचाई: फसलों की नमी बनाए रखने के लिए नियमित और उचित सिंचाई करें।

  • मल्चिंग तकनीक का उपयोग: मिट्टी की नमी संरक्षित करने और तापमान को नियंत्रित करने के लिए मल्चिंग करें।

  • कीट प्रबंधन: फसलों की नियमित निगरानी करें और कीटों के प्रकोप को रोकने के लिए जैविक या रासायनिक उपाय अपनाएँ।

  • जलवायु अनुकूल बीजों का चयन: ऐसे बीजों का उपयोग करें जो उच्च तापमान और कम पानी की स्थितियों में भी अच्छी पैदावार दें।

  • फसल चक्र अपनाना: मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और कीटों के प्रकोप को कम करने के लिए फसल चक्र अपनाएँ।

इन उपायों को अपनाकर किसान असामान्य मौसम परिस्थितियों के बावजूद अपनी फसलों की सुरक्षा और उत्पादन में सुधार कर सकते हैं।

 

सोर्सेस: https://economictimes.indiatimes.com/news/economy/agriculture/unusual-temperatures-deepen-indian-farmers-rabi-crop-fears-rain-patterns-complicate-matters-further/articleshow/118447661.cms