राजस्थान बजट 2025-26: किसानों और गाँवों के लिए नई उम्मीद

21/02/2025 12:00:52 p.m.

राजस्थान सरकार ने साल 2025-26 के लिए अपना बजट पेश किया है, जिसमें किसानों और गाँवों की तरक्की पर खास ध्यान दिया गया है। यह बजट पानी, खेती, और पशुपालन के लिए बड़ी योजनाएँ लाया है, ताकि किसानों की मेहनत को बेहतर नतीजे मिलें और गाँवों में खुशहाली आए। आइए, जानते हैं कि इस बजट में आपके लिए क्या-क्या खास है।

1. पानी की समस्या का हल

  • मॉडिफाइड PKC-ERCP योजना: इसके लिए 9,300 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यह योजना गाँवों में पानी की कमी को दूर करेगी।
  •  राजस्थान वाटर ग्रिड कॉर्पोरेशन: 4,000 करोड़ रुपये से पानी का जाल बिछाया जाएगा, जिससे खेतों को समय पर पानी मिले।
  •  खेत तालाब और सोलर पंप: 25,000 तालाब, 10,000 डिग्गी, और 50,000 सोलर पंप बनाने के लिए 900 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे छोटे किसानों को भी फायदा होगा।

2. खेती को आसान और सस्ता बनाने की योजना

  • ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम: पानी बचाने वाली इस तकनीक के लिए 1,250 करोड़ रुपये की मदद मिलेगी। इससे कम पानी में भी अच्छी फसल उगाई जा सकेगी।
  •  नैनो यूरिया और DAP पर छूट: हर हेक्टेयर के लिए 2,500 रुपये की सब्सिडी मिलेगी, ताकि खाद सस्ती पड़े।
  •  बीज और तारबंदी: 35 लाख बीज मिनी किट मुफ्त बाँटे जाएँगे और खेतों की तारबंदी के लिए 324 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

3. किसानों की जेब में ज्यादा पैसा

  • गेहूं पर बोनस: MSP से ऊपर 150 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त मदद मिलेगी।
  •  PM किसान योजना: हर साल 9,000 रुपये की मदद सीधे आपके खाते में आएगी।
  •  कस्टम हायरिंग सेंटर: 1,000 नए सेंटर खुलेंगे, जहाँ से सस्ते में खेती के औजार किराए पर मिलेंगे।


4. नई तकनीक और हरियाली

  • AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का इस्तेमाल: खेती में नई तकनीक के लिए 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह किसानों को सही समय पर सलाह देगा, जैसे कब बुआई करें या पानी दें।
  •  मधुमक्खी पालन सेंटर: भरतपुर में 15 करोड़ रुपये से एक सेंटर बनेगा, जहाँ शहद बनाने की ट्रेनिंग और मदद मिलेगी।
  •  प्राकृतिक खेती: 2.5 लाख किसानों को सब्सिडी दी जाएगी, ताकि रसायन कम इस्तेमाल हो और मिट्टी की सेहत बनी रहे।

5. पशुपालन और दूध का कारोबार

  • दूध के नए प्लांट: अलवर, उदयपुर, बांसवाड़ा, भरतपुर, और सवाई माधोपुर में प्लांट बनेंगे, जिससे दूध का सही दाम मिलेगा।
  •  पशु चिकित्सा केंद्र: 200 गाँवों में नए सब-सेंटर खुलेंगे, जहाँ मुफ्त दवा और टीके मिलेंगे।
  •  पशु कृत्रिम अंग सेंटर: जयपुर के सांगानेर में एक खास सेंटर बनेगा, जो घायल पशुओं की मदद करेगा।


6. गाँवों में पानी और पेड़

  • जल संचय संरचना: 4,700 से ज्यादा गाँवों में पानी रोकने की व्यवस्था होगी।
  •  पेड़ और जंगल: नई नीति से खेतों के आसपास पेड़ लगाए जाएँगे, जिससे पर्यावरण भी बचेगा और किसानों को फायदा होगा।