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बिजाई और बुबाई

बाजरा(बिजाई और बुबाई)

बिजाई का समय

कम बारिश वाले इलाके में बिजाई जुलाई के शुरू में की जानी चाहिए और अधिक बारिश वाले इलाके में बिजाई जुलाई के आखिरी हफ्ते में की जानी चाहिए।

फासला

लाइन से लाइन की दूरी 50cm और पौधे से पौधे की दूरी 15cm रखें।

बीज की गहराई

2.5cm की गहराई पर बीज की बिजाई करें।

बिजाई का तरीका

बिजाई के लिए डिब्लिंग या ड्रिल विधि का प्रयोग करें।

 

बारानी क्षेत्रों में मानसून की पहली बारिश के साथ ही बाजरे की बुवाई कर देनी चाहिए। उत्तरी भारत में बाजरे की बुवाई के लिए जुलाई का प्रथम पखवाड़ा सर्वोत्तम है 25 जुलाई के बाद बुवाई करने से 40 से 50 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर प्रतिदिन पैदावार में नुकसान होता है। बुवाई के लिए 5 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर बीज की आवश्यकता होती है। बाजरे की फसल 45 से 50 सेंटीमीटर की दूरी पर कतारों में बोनी चाहिए। बुवाई के 10 से 15 दिन बाद यदि पौधे घने हों तो पौधों की छंटाई कर देनी चाहिए और पौधे से पौधे की दूरी 8 से 10 सेंटीमीटर रखनी चाहिए जिससे प्रति हेक्टेयर क्षेत्र में 1.75 से 2 लाख पौधे प्रति हेक्टेयर प्राप्त हो सकें। इस संख्या में पौधे उगाने से बाजरे की अधिकतम उपज ली जा सकती है।

31/03/2023 11:39:36 a.m.