बाजरा(ज़मीन की तैयारी)
गर्मियों में गहरी जुताई करें और उत्तम जल निकास के लिए खेत को समतल कर लें बाजरे की अच्छी फसल लेने के लिए एक जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से करनी चाहिए एवं इसके बाद दो-तीन बार जुताई करके बुवाई करनी चाहिए। दीमक तथा लट के प्रकोप वाले क्षेत्रों में 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से फोरेट अंतिम जुताई से पूर्व डालनी चाहिए। बाजरे की खेती शून्य जुताई विधि द्वारा भी सफलतापूर्वक की जा सकती है। इसके लिए खेत को समतल करना तथा मिट्टी पर पूर्व फसल के अवशेषों या अन्य वानस्पतिक अवशेषों का आवरण बनाए रखना लाभप्रद होता है। बढ़िया उपज लेने के लिए अच्छी फसल की बिजाई अच्छी तरह तैयार की गई ज़मीन में की जानी चाहिए। मिट्टी को भुरभरा बनाने के लिए हल के साथ जोताई के बाद 2-3 बार फिर जोताई करें।
31/03/2023 11:39:11 a.m.